ABG(एबीजी) का फुल फॉर्म क्या होता है?

abg ka full form

ABG(एबीजी) का फुल फॉर्म क्या होता है?

ABG means Arterial blood gas.

ABG(एबीजी): Arterial blood gas(आर्टेरिअल ब्लड गैस

ABG means Arterial blood gas.

Contents

  1.  ABG (एबीजी) Test का नोर्मल रेंज क्या होता है?
  2.  ABG Test क्यों किया जाता है?
  3.  आपको एबीजी(ABG) Test कब करना चाहिए?
  4.  रक्त Gas आपको क्या बताती हैं?

    Some other important full forms of ABG

ABG (एबीजी) एक ऐसी परीक्षण की प्रक्रिया होती है, जो हमारे शरीर के रक्त की अम्लता या PH और ऑक्सीजन(O) के स्तर(Level) को मापता है। वहीं इसके अलावा यह भी जानना ज़रूरी है, कि ए बी जी परीक्षण रोगी के फेफड़ों के कार्य की जांच का परीक्षण करने के लिए किया जाता है। एबीजी लेवल की जांच करना हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद(Quite Beneficial) माना जाता है, जिसकी सहायता से आपके फेफड़े कितनी अच्छी तरीके से ऑक्सीजन ले पा रहे हैं यह पता लगता है। साथ में रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा की जांच करने से शरीर के मेटाबॉलिज्म(Metabolism) के बारे में भी पता चलता है।

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आपको बता दें कि इस टेस्ट के माध्यम से हमारे Blood में हाइड्रोजन(HO2), आयन की मात्रा की भी जांच की जाती है, जिसके आधार पर जीरो से कम PH को अम्लीय कहा जाता है, और 7.0 से अधिक PH को मूल्य क्षारीय कहा जाता है। एक धमनी Blood गैस विशेष रूप से एक धमनी के लिए किए गए रक्त का Test करता है, जिसमें बहुत ही आसानी से ऑक्सीजन(O(ऑक्सीजन या प्राणवायु या जारक रंगहीन, स्वादहीन तथा गंधहीन गैस है। इसकी खोज, प्राप्ति अथवा प्रारम्भिक अध्ययन में जे॰ प्रीस्टले और सी॰डब्ल्यू॰ शेले ने महत्वपूर्ण कार्य किया है। यह एक रासायनिक तत्त्व है।), CO2 कार्बन डाइऑक्साइड और Ventilation Status के बारे में पता चलता है। यदि आपके Blood में ऑक्सीजन(O) और कार्बन डाई ऑक्साइड(CO2) के स्तर में असंतुलन होता है तो इसका मतलब है कि आप के फेफड़े(Lungs) की कार्य क्षमता कमजोर हो गई है और वह सही तरह से काम नहीं कर पा रहा है। जो कोई भी सांस लेने में तकलीफ में है  उन्हें इस परीक्षण (Test) से गुजरना होता है।

 

ABG (एबीजी) टेस्ट(Test) का Normal Range क्या होता है?

Arterial blood gas कि अगर सामान रेंज की बात करें तो यहां ऑक्सीजन का Partial Pressure(O2)- 75 से 100 MMHG तक होता है। वहीं दूसरी ओर कार्बन डाइऑक्साइड (CO2)की बात की जाए तो इसका आंशिक दबाव 38 से 42 MMHG तक होता है। पीएच 7.42, बाइकार्बोनेट(Hco3), ऑक्सीजन संतृप्ति (o2sat) 94-100 प्रतिशत तक होता है । यदि कोई भी डॉक्टर इस रेंज को हासिल करना चाहता है, तो एक Super Gas चलाया जा सकता है। इसकी पहचान करने का एक सबसे आसान तरीका यह भी है कि यदि किसी मरीज का ph 7.45 से कम है तो मरीज को क्षारीय माना जाता है। वही पीएच 7.35 से ज्यादा है तो फिर वह मरीज(रोगी) अम्लीय है, जिसके बाद रोगी की paco2 की जांच की जाती है, जिससे आसानी से पता चल जाता है कि रक्त गैस में परिवर्तन श्वसन प्रणाली या चयापचय द्वारा संचालित होने के कारण है। रोगी के शरीर में यदि CO2 कम है, और पीएच अधिक है तो फिर रोगी को श्वसन क्षार रोग होगा। यह दोनों ही विपरीत दिशा में काम करते हैं। वहीं यदि HCO3 कम है और पीएच का स्तर भी कम है, तो फिर मरीज मेटाबॉलिक एसिडोसिस में है जहां दोनों ही एक ही तरफ में चलते हैं।

ABG टेस्ट किस लिये और क्यों किया जाता है?

एक तरह से हम यह कह सकते हैं कि हमारे शरीर में ऑक्सीजन(O) और कार्बन डाइऑक्साइड(CO2) के स्तर का सही माप करने के लिए इसे किया जाता है। जहां आप चिकित्सा सलाह की मदद से सरल रूप से निर्धारित कर सकते हैं कि आपके फेफड़े और गुर्दे कितनी अच्छी तरह से कार्य कर रहे हैं। देखा जाए तो Primary Care सेटिंग में इसकी कोई खास महत्वपूर्ण भूमिका नहीं है, लेकिन इसका उपयोग प्रयोगशाला या क्लीनिक में किया जा सकता है। यह टेस्ट करवाने की स्थिति नजर आने पर आपके शरीर में कुछ विशेष लक्षण नजर आते हैं,जिस वजह से आपको यह टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है। आप सांस लेने में तकलीफ, उलझन, जी मचलना या सांस की कमी से परेशान हो सकते हैं जो संकेत यह दर्शाता है कि आपको एबीजी(arterial blood gas) टेस्ट कराना चाहिए। जब भी ऑक्सीजन CO2 या PH के स्तर की जानकारी लेना हो, या यह जानना हो कि यह हमारे शरीर में संतुलित है या नहीं फिर आप ABG(arterial blood gas)टेस्ट करवा सकते हैं। वही आपको एक जरूरी बात पता होनी चाहिए  कि श्वसन संबंधी समस्याओं का पता लगाने और साथ ही साथ Metabolic और किडनी के विकार की सही तरह से जांच के लिए इस test को किया जाता है। हमारे खून में एसिड का स्तर क्या है, और जिस तरह की lungs का इलाज चल रहा है उसमें इसका किस तरह का Effect नजर आ रहा है जैसे कि जिस व्यक्ति को ऑक्सीजन दी जा रही है उसमें यह किस तरह का प्रभाव कर रहा है यह सभी कारकों का पता लगाने के लिए ABG(arterial blood gas) टेस्ट किया जाता है। एक अति आवश्यक बात अवश्य जान ले कि यदि किसी भी व्यक्ति को ऑक्सीजन थेरेपी प्रदान की जा रही है तो लगभग 10 से 20 मिनट पहले इसे रोक दी जानी चाहिये। यदि कोई व्यक्ति बिना ऑक्सीजन पाइप की मदद(Help) से सांस नहीं ले पा रहा/रही  है तो यह टेस्ट करने के साथ ही ऑक्सीजन बंद कर दी जाती है, जिसके बाद रोगी में सप्लाई की गई ऑक्सीजन की मात्रा को Record किया जाता है।

आपको एबीजी(ABG) टेस्ट कब करना चाहिए?

इससे पहले आपको एक अति आवश्यक सूचना दें कि यदि आप अपने blood को पतला या aspirin बनाने के लिए कोई दवा ले रहे हैं, तो यह जानकारी आपको अपने डॉक्टर को पहले ही दे देनी चाहिए। वहीं जब आपके पास साँस की समस्या के लक्षण नजर आ रहे हैं, जैसे कि सांस लेने में तकलीफ,तेजी से सांस लेना तब हम इस Test के लिए जा सकते हैं। जब आप एक फेफड़े की बीमारी के लिए इलाज करा रहे हैं, तब आपके शरीर में acid base और संतुलन का संदेह होता है। जहां आप blood के O2और CO2 के लिए कुछ हद तक सर्जरी भी करा सकते हैं।

ABG के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानने योग्य बातें

  •  Arterial Blood Gas Test ऐसी स्थिति में कराया जाता है जब आपको गंभीर रूप से सांस लेने में समस्या हो जैसे कि आप अस्थमा या पुरानी प्रतिरोधी किसी रोग से परेशान है, तो आप इस जाँच को करवा सकते हैं।
  • इसके जरिये आप यह भी जान सकते हैं कि आपका एसिड बेस बैलेंस कितना है, क्योंकि एक व्यक्ति के शरीर में गंभीर तरह के संक्रमण से मधुमेह हो या फिर गुर्दे की विफलता से भी शरीर में Acid की मात्रा बढ़ जाती है।
  • अपने फेफड़ों की कार्य क्षमता सही है या नहीं इसके जरिये से आप आसानी से जानने में समर्थ हो सकते हैं।

रक्त गैसें आपको क्या बताती हैं?

Arterial blood gas एक ऐसा नैदानिक परीक्षण माना जाता है, जिसमें धमनी रक्त के पीएच का माप शामिल होता है, जिसमें मुख्य रूप से हमारे शरीर की धमनियों के रक्त में घुलने वाले ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा का नियमित रूप से निदान किया जाता है। इस परीक्षण का उपयोग रक्त में पीएच स्तर को निर्धारित करने के लिए भी किया जाता है। आप यह भी आसानी से जान सकते हैं कि यह कितना अम्लीय है। इसके लिए हमारे शरीर में कुछ ऐसे संकेत नजर आते हैं, जिसके बाद हमें ब्लड गैस टेस्ट की सलाह दी जाती है। जैसे कि यदि आपको काफी समय से खराब किडनी, नकसीर, झटका और नियमित मधुमेह के लक्षण नजर आ रहे हैं तो फिर आपको चिकित्सक की और रक्त गैस टेस्ट की सलाह लेनी पड़ सकती है। जिस परीक्षण में धमनी से थोड़ी मात्रा में रक्त के संग्रह की आवश्यकता होती है। इसे पूरा होने में केवल कुछ ही मिनट का समय लगता है। आपको यह बता दे कि ब्लड गैस टेस्ट के परिणाम आसानी से आपके डॉक्टर को यह जाने की अनुमति देता है कि आपके शरीर में फेफड़ों की बीमारी सहित कुछ स्थितियों के लिए दिए जा रहे उपचार कितने अच्छे तरीके से काम कर रहे हैं। आपको यह बताया जाता है कि आपकी ज्यादातर एक नाडी से रक्त का नमूना अधिकतर पर व्यक्ति के कलाई में Radial धमनी या तो कभी-कभी आपकी हाथो से नमूने के तौर पर निकाला जाता है, जिसे परीक्षण के लिए आगे भेजा जाता है।

ABG- Air Base Group

तो दोस्तों मुझे आपसे उम्मीद है कि ABG फुल फॉर्म  hindi me के बारे में पूरी जानकारी मिली।

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