राजस्थान के त्यौहार

राजस्थान के त्यौहार

राजस्थान के त्यौहार

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राजस्थान के त्यौहार निम्न लिखित है-

राजस्थान में वर्ष भर में हर दिन कोई ना कोई त्यौहार होता ही है। त्यौहार राजस्थान की समृद्ध संस्कृति की एक अलग व सौंदर्य पहचान है। जो राजस्थान को दूसरे राज्यों से भिन्न बनाता है, आईये विस्तार से जानते है राजरथान में कौन कौन से त्यौंहार प्रमुख रूप से मनाये जाते है ।

राजस्थान के प्रमुख त्यौहार निम्न लिखित है:-

चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की एकम को हिन्दु नववर्ष, नवसंवत प्रारम्भ होता है।

चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया को सिधारा,सिंजारा मनाया जाता है।

चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की अष्ठमी को दुर्गाष्ठमी मनाई जाती है।

चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को नवरात्रा समाप्त और राम नवमी मनाई जाती है।

चेतर मास की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को महावीर जयन्ती मनाई जाती है।

चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को हनुमान जयन्ती मनाई जाती है।

वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया,आखातीज, कृषि पक्ष,परशुराम जयंती बड़े धूमधाम से मनाई जाती है।,

वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा, पीपल पूर्णिमा मनाई जाती है।

ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी(घडीया ग्यारस) मनाई जाती है।

आषाढ मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को भडंल्या नवमी/भडली(अन्तिम शादी) मनाई जाती है।

आषाढ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को देव शयनी एकादशी बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

आषाढ मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरू पुर्णिमा के रूप में मनाया जाता है।

श्रावण मास की कृष्ण पक्ष की पंचमी को नाग पंचमी के रूप में मनाया जाता है।

श्रावण मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मास शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है।

सावन मास की शुक्ल पक्ष की द्वितिया को सिजांरा,सिधारा,सिद्धाराश्रावण के रूप में मनाया जाता है।

सावन मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को छोटी तीज/हरियाली तीज के रूप में मनाया जाता है।,

श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को सावन तीज के रूप में मनाया जाता है।

श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को रक्षा बन्धन के रूप में मनाया जाता है।,

भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की तृतीया को बड़ी/बुडी/कजली/सातुडी/ भादुडी तीज के रूप में मनाया जाता है।

भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की सप्तमी को थदडी/बडी सातम(सिंधी धर्म) के रूप में मनाया जाता है।

भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्ठमी को जन्माषष्टमी, कृष्ण अष्टमी के रूप में मनाया जाता है।

भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की नवमी को गोगानवमी(विशाल मेला) के रूप में मनाया जाता है

भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की द्धादशी को बच्छ बारस के रूप में मनाया जाता है।

भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया को रामदेव जयन्ती/मेला प्रारम्भ होता है।

भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है।

भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की अष्ठमी को राधाषठमी के रूप में मनाया जाता है।

भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को रामदेव मेला/तेजा दशमी/खेजडी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को जलझुलनी एकादशी/देव डोल ग्यारस के रूप में मनाया जाता है।

भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्थदशी(अण चैरस) के रूप में मनाया जाता है।

भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की पुर्णिमा को गोगा मेडी मेला समाप्त/श्राद पक्ष/पितृ पक्ष/कनागत प्रारम्भ होता है।

आश्विन मास की कृष्ण पक्ष प्रतिपदा को द्वितीय श्राद्ध के रूप में मनाया जाता था।

आश्विन मास की अमावस्या को सर्वपितर श्राद्ध/श्राद्ध पद्व समाप्त होते है।

आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की एकम को शारदीय नवरात्र प्रारम्भ होते हैं।

आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की अष्ठमी को दुर्गाष्ठमी के रूप में मनाया जाता है।

आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को रामनवमी के रूप में मनाया जाता है।

आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को दशहरा/विजयदशमी के रूप में मनाया जाता है।

आश्विन मास की पुर्णिमा को शरद पुर्णिमा(शरद पुर्णिमा)/कार्तिक स्नान प्रारम्भ(विष्णु पूजा) होता है।

कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ के रूप में मनाया जाता है।

कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अष्ठमी को अहोई अष्ठमी/साहू माता जयंती के रूप में मनाया जाता है।

कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धन तेरस/ध्वन्तरी जयंती के रूप में मनाया जाता है।

कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी/रूप चैदस/कानी दीवाली के रूप में मनाया जाता है।

कार्तिक मास की अमावस्या को दीपावली(लक्ष्मी पूजन) के रूप में मनाया जाता है ।

कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को गौवर्धन पूजा/अन्नकुट पर्व के रूप में मनाया जाता है।

कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया को यम द्वितीया/भैया दुज के रूप में मनाया जाता है।

कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी को छठ पूजा के रूप में मनाया जाता है।

कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की अष्ठमी को गोपास्ठमी के रूप में मनाया जाता हैं।

कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को अक्षय नवमी/आवला नवमी के रूप में मनाया जाता है।

कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को देव उठनी/देवोस्थान/प्रबोधनी/तुलसी विवाह के रूप में मनाया जाता है।

कार्तिक मास की पूर्णिमा को कार्तिक स्नान समाप्त/गुरू पर्व के रूप में मनाया जाता है।

14 जनवरी को मकर सक्रांति के रूप में मनाया जाता है।

माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को तिलकुटी चैथ/संकट चतुर्थी/माही चैथ के रूप में मनाया जाता है।

माघ मास शुक्ल पक्ष की अमावस्या को मौनी अमावस्या के रूप में मनाया जाता है।

माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को बसंत पचमी के रूप में मनाया जाता है।

माघ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को रामदेव मेला भरता है।

माघ मास की पूर्णिमा को बैणेश्वर धाम मेला भरता है।

फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को महाशिवरात्रि पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

फाल्गुन मास में शुक्ल पक्ष की द्वितीया को फुलेरा/फलरिया दुज के रूप में मनाया जाता है।

फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलीका दहन के रूप में मनाया जाता है।

चैत्र मास की कृष्ण पक्ष  प्रतिपदा को गैर/फाग /धुलण्डी/छारडी/गणगौर पुजन प्रारम्भ त्यौहार बड़े धूमधाम से मनाए जाते हैं।

चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की अष्ठमी को शीतलाष्टमी के रूप में मनाया जाता है।

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राजस्थान के त्यौहार

राजस्थान के त्यौहार के महत्वपूर्ण क्वेश्चन जो कम्पटीशन एग्जाम से महत्वपूर्ण सवाल है अभी Quiz 👇 को स्टार्ट करे

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ईसाईयों द्वारा किस पर्व को ईसा मसीह के पुनर्जन्म दिवस के रुप में मनाया जाता है

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गुरु गोविंद सिंह जयंती कब मनाई जाती है

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किस दिन सिंधी समाज के लोग बास्योडा मनाते हैं

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किस जैन पर्व का प्रारंभ भाद्रपद सुदी पंचमी से होता है और समापन चतुर्दशी को

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उर्स गरीब नवाज का कब मनाया जाता है

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कौन सा त्यौहार पैगंबर साहब की याद में मनाया जाता है

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आश्विन शुक्ल दशमी को किस वृक्ष की पूजा की जाती है

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दशहरे के दिन किस पक्षी के दर्शन शुभ माने जाते हैं

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निम्न में से कौन सा मेला कार्तिक पूर्णिमा कौन नहीं लगता है

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राधा अष्टमी कब मनाई जाती है

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निम्न में से कौन सा एक पशु मेला नहीं है

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अक्षय तृतीया (आखातीज) कब आती है

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निम्न में से कौन सा मेला साल में दो बार नहीं लगता है

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किस त्यौहार को 7 गायों के लिए 7 आटे की लोई बनाकर उन्हें खिलाई जाती है

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त्यौहार को प्रसिद्ध तीर्थ अमरनाथ में बर्फ का शिवलिंग बनता है

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